नोएडा , दिसंबर 18 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित महर्षि विश्विद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी परिसर में गुरुवार को एक आधुनिक सह कार्य स्थल नवांगत स्थापना की गई। सह कार्य स्थल का उद्घाटन महर्षि विवि के कुलाधिपति एवं अन्य वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।

गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ एवं सह कार्य स्थल के उद्घाटन के उपरांत कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं जनसभा को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि इस सह कार्य स्थल का उद्देश्य युवाओं और नवाचार आधारित प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने विचारों को व्यवसायिक एवं उद्गम रूप दे सकें, और देश के आर्थिक विकास में सक्रीय भूमिका निभा सकें, यह पहल उन सपनों को साकार करने में सहायक होगी, जो आने वाले समय में भारत की प्रगति और आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान करेंगे, उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में स्टार्टअप्स को केवल विचार नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और सहयोग की आवश्यकता होती है, जिसे यह सह कार्य स्थान उपलब्ध कराएगा।

महर्षि विवि के निदेशक ने कहा कि एमयूआईटी जांच और नवाचार फाउंडेशन द्वारा स्थापित यह सह कार्य स्थल नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह पहल दर्शाती है कि फाउंडेशन उभरते नवाचार को केवल स्थान ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह सह कार्य स्थान भविष्य के उद्यमियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करेगा, जहां विचारों को गति मिलेगी और उन्हें सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने का मजबूत आधार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश है कि किसी भी नए स्टार्टअप्स को फंड या संसाधनों के अभाव में अपने कदम पीछे न खींचने पड़ें, इस स्पेस की सुविधा से स्टार्टअप्स और छात्रों को लागत में कमी, नेटवर्किंग और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन जैसे कई लाभ मिलेंगे।

यह पहल केवल एक सह कार्य स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और छात्रों के लिए एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित किया गया है। जहां अत्याधुनिक तकनीक, मेंटरशिप, प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल 'स्टार्टअप इंडिया' मिशन को और मजबूती प्रदान करेगी,कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में सह कार्य स्थल स्टार्टअप्स के लिए अत्यंत आवश्यक हो गए हैं, क्योंकि ये न केवल कार्य के लिए स्थान उपलब्ध कराते हैं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, सहयोग और नवाचार को भी बढ़ावा देते हैं।

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