नैनीताल , फरवरी 01 -- उत्तराखंड के नैनीताल में रविवार को ग्लेनमोर इलाके में एक ब्रिटिश-युगीन इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे लकड़ी की ऐतिहासिक संरचना जलकर राख हो गई। इस आगजनी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग आज दोपहर में लगी और हवा के कारण आग लकड़ी की संरचना में तेज़ी से फैल गई। धुएं का घना गुबार देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
अग्निशमन बल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने इमारत के ज़्यादातर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। सूखी लकड़ी की बीम और फर्श ने आग को तेज़ी से फैला जिससे शुरुआत में उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। अधिकारियों ने कहा कि तेज़ गर्मी और धुएं के कारण एहतियात के तौर पर आस-पास के लोगों को निकाला गया।इस इमारत के कुछ हिस्से में दशकों से दो परिवार रह रहे थे। एक हिस्सा 1969 से अनिल तिवारी के परिवार का घर था जबकि दूसरे हिस्से में 1982 से चंद्रशेखर जोशी का परिवार रहता था।
रविवार को दोनों परिवार बाहर थे। तिवारी का परिवार अपने बेटे से मिलने गुरुग्राम गया था और लौटने पर देखा कि उनके घर से धुआं निकल रहा है। प्रॉपर्टी के मुख्य मालिक, देवी दत्त जोशी, अभी कहीं और रहते हैं। अधिकारियों ने कहा कि आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या टेक्निकल फॉल्ट की संभावना है हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पायी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि असामाजिक तत्व या नशेड़ी अक्सर यहां आते-जाते हैं। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार शहर में पुरानी इमारतों एवं संरचनाओं के सर्वे में ग्लेनमोर बिल्डिंग को लकड़ी से बना होने के कारण आग के खतरों के लिए कमजोर पाया गया था। इसीलिए यहां रहने वालों को सुरक्षा उपकरण लगाने की सलाह वाले नोटिस जारी किए गए थे।
जानकारी के अनुसार, यह इमारत नैनीताल में ब्रिटिश-युगीन आर्किटेक्चर का एक खास उदाहरण मानी जाती थी।
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