नैनीताल , मार्च 28 -- उत्तराखंड के नैनीताल में जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नौ आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत यह कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नौ आरोपियों को ''गुंडा'' घोषित करते हुए छह माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर (जिला बदर) करने के आदेश जारी किए हैं।
जिन आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें रामनगर, काठगोदाम, बनभूलपुरा और मुखानी थाना क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इन पर जुआ अधिनियम, मादक द्रव्य अधिनियम (एनडीपीएस) एक्ट, शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट), गैंगस्टर एक्ट तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं में कई-कई मुकदमे दर्ज हैं।
जिला बदर किए गए आरोपियों में राहुल, बंबाघेर, रामनगर, संजय आर्य, बागवाला, काठगोदाम, अनुज राज सिंह, चोर पानी रामनगर, शाहिद, खताड़ी, रामनगर, कौशल चिलवाल, इंदिरा कालोनी, रामनगर, सलमान, बनभूलपुरा, हल्द्वानी, मोहसिन, बनभूलपुरा, हल्द्वानी, शादाब, बनभूलपुरा, हल्द्वानी और प्रदीप सागर अमन, मुखानी, हल्द्वानी शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने पांच आरोपियों को राहत देते हुए उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के नोटिस निरस्त कर दिए हैं। इनमें शनि बाबू, संजय बिनवाल, हिमांशु शाही, सूरज कुमार और मोहम्मद आबिद शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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