नैनीताल , दिसंबर 02 -- उत्तराखंड के नैनीताल में जिला प्रशासन ने राजस्व और भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण के लिए तहसील स्तरों पर राजस्व-प्रवर्तन समितियों के गठन का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंगलवार को बताया कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर अतिक्रमण, भूमि-सीमा विवाद, सरकारी भूमि पर कब्ज़ा, मार्गों तथा नालों से संबंधित विवादों, राजस्व अभिलेख में त्रुटियों तथा अन्य विवादों के शीघ्र समाधान हेतु नवगठित समितियां सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई करेंगी। उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति में स्थानीय तहसीलदार, थाना प्रभारियों, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और कानूनगो तथा लेखपाल एवं हल्का पटवारी को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि समिति प्रत्येक सप्ताह मामलों की सुनवाई करेगी तथा स्थलीय निरीक्षण, रिकॉर्ड परीक्षण एवं वस्तुस्थिति के आधार पर अंतिम निर्णय लेगी। विवादों के निस्तारण के लिए सभी प्रकार के नक्शा, खसरा, अभिलेख एवं रिपोर्टों का परीक्षण किया जाएगा।
समिति अतिक्रमण की स्थिति में नोटिस जारी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी और मेड़ विवाद एवं सीमांकन विवाद का अंतिम समाधान भी निकालेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करना है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि समिति निस्तारित मामलों एवं लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित करेगी। सभी अधिकारी आदेश का तत्परता से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
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