लखनऊ , जनवरी 30 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के नैक मूल्यांकन की तैयारी में प्रत्येक तथ्य प्रमाणिक साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों के फोटोग्राफ्स उपयुक्त कैप्शन सहित संलग्न हों तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों से मानकीकृत फॉर्म के माध्यम से व्यक्तिगत फीडबैक लिया जाए, ताकि प्राप्त सुझावों का उपयोग गुणवत्ता सुधार में किया जा सके।

शुक्रवार को जन भवन में आयोजित प्रस्तुतीकरण बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में फैकल्टी और विद्यार्थियों की विविधता तथा अन्य राज्यों और देशों से आने वाले छात्रों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय द्वारा दिए जा रहे भत्तों का लाभ सफाई कर्मियों, माली, कामदार और संविदा कर्मियों सहित उनके बच्चों तक भी पहुंचे तथा परिसर में कार्यरत कर्मियों व उनके परिजनों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राज्यपाल ने अध्यापकों, विद्यार्थियों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर देते हुए कहा कि समीपवर्ती गांवों में सर्वाइकल कैंसर, टीबी उन्मूलन, आंगनबाड़ी किट वितरण जैसे सामाजिक अभियानों को और प्रभावी बनाया जाए तथा सीएसआर फंड का समुचित उपयोग हो।

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