देहरादून , मार्च 25 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा है कि प्रदेश की धामी सरकार ऋषिकेश के रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए आवंटित भूमि को खुर्द-बुर्द करने का काम कर रही है।
देहरादून के राजपुर रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बुधवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ही सरकार में त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में ऋषिकेश के रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नाम पर भूमि आवंटित की गई थी, जिस पर लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास भी तत्कालीन मुख्यमंत्री रावत द्वारा स्थानीय सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की उपस्थिति में हुआ था।
उन्होंने कहा कि सात वर्ष बीत जाने के बाद यूनिवर्सिटी के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई उल्टे यूनिवर्सिटी के नाम आवंटित भूमि का टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर खुर्द-बुर्द करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्री धामी ने मुख्यमंत्री पद की संवैधानिक गरिमा को ही गिरा दिया है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने मुख्यमंत्री के रूप में लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया गया था। मगर श्री धामी ने सरकार अपनी ही सरकार के शासन के आदेशों का खुला उल्लंघन करते हुए दर्शा दिया है कि भाजपा में गुटबाजी चरम पर है तथा वे किसी भी काम का श्रेय दूसरे नेता को नहीं देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रानीपोखरी में कार्रवाई की जा रही है उससे आने वाले समय में मुख्यमंत्री की घोषणा और शिलान्यास से भी जनता का भरोसा पूरी तरह से उठ जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि जिस प्रकार भाजपा के राष्ट्रीय नेता चुनावों के समय जुमले बाजी करते हैं उसी प्रकार लोकसभा चुनाव के समय जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने लॉ यूनिवर्सिटी बनाने का नाटक मात्र किया था और आज स्थानीय जनता को इसके लिए आन्दोलन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस आन्दोलन में स्थानीय जनता के साथ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रधान संगठन के लोग शामिल हैं।
जनता की जायज मांग को लेकर चलाये जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन पर जिस प्रकार उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया तथा आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ अभद्रता की गई वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
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