लंदन , मार्च 18 -- नेपाल, ब्रिटेन और गोरखा पूर्व सैनिकों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता का एक और दौर सोमवार को लंदन में आयोजित हुआ लेकिन इसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं दिखायी दिया है। ब्रिटिश पक्ष ने हालांकि आश्वासन दिया कि वह अगले 15 दिनों के भीतर कोई प्रस्ताव लेकर आएगा।
गोरखा पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधि कृष्ण बहादुर राई ने लंदन से फोन पर बताया, "बैठक में गहन चर्चा हुई। हमने उन्हें 11 सूत्रीय समझौते की याद दिलाई, लेकिन उन्होंने किसी ठोस योजना की रूपरेखा पेश नहीं की।"बैठक में ब्रिटेन की वेटरंस एवं पर्सन्स मंत्री लुईस सैंडहर-जोंस भी संक्षिप्त रूप से शामिल हुईं। उन्होंने नेपाली पक्ष को बताया कि ब्रिटिश सरकार गोरखा पूर्व सैनिकों की मांगों पर काम कर रही है। राई के अनुसार, ब्रिटिश पक्ष ने दोहराया कि गोरखा सैनिकों को ब्रिटिश सेना के समान पेंशन देना संभव नहीं है, लेकिन कल्याणकारी योजनाओं के तहत अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
श्री राई ने कहा कि सैंडहर-जोंस के जाने के बाद ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और सलाहकारों ने कार्यवाहक राजदूत बिपिन दवाड़ी तथा गोरखा प्रतिनिधियों के साथ वार्ता जारी रखी, जिसमें उन्होंने अपना पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा। "हमने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया और प्रधानमंत्री को सौंपे गए 11 सूत्रीय मांगपत्र की याद दिलाई। इसके बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने दो सप्ताह में प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया।"इससे पहले 16 जनवरी को ब्रिटिश गोरखा सत्याग्रह संयुक्त संघर्ष समिति के मुख्य समन्वयक राई ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को पत्र लिखकर मार्च अंत तक मांगें पूरी करने की समय सीमा दी थी और 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। इन मांगों में ब्रिटिश सेना के समान पेंशन तथा 1947 के त्रिपक्षीय समझौते का पूर्ण क्रियान्वयन शामिल है।
वार्ता इस सहमति के साथ समाप्त हुई कि ब्रिटेन सरकार द्वारा 11 सूत्रीय मांगों पर स्पष्ट रुख न रखने के कारण दो सप्ताह बाद फिर बैठक की जाएगी। बैठक से पहले ब्रिटेन के 19 सांसदों ने सरकार को संयुक्त पत्र लिखकर गोरखा पूर्व सैनिकों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया। पत्र में गोरखाओं की सेवा और बलिदान की सराहना करते हुए कहा गया कि उनकी भूमिका ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सांसदों ने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिटेन में नेपाली समुदाय स्वास्थ्य, शिक्षा, आतिथ्य और खुदरा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और समाज को समृद्ध बना रहा है।
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