रामनगर, दिसंबर 13 -- उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) से जुड़े नेचर गाइडों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को लेकर कॉर्बेट के निदेशक डॉ. साकेत बडोला से मुलाकात की। नेचर गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद बुधानी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में उपनिदेशक राहुल मिश्रा भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान नेचर गाइडों ने गर्जिया पर्यटन जोन से जुड़ी कई अहम मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। गाइडों ने कहा कि गर्जिया पर्यटन जोन में नक्शे में दर्ज बंद मार्गों को खोला जाए और सुरक्षा की दृष्टि से इन मार्गों को दुरुस्त किया जाए। साथ ही फूलताल क्षेत्र में सोलर पंपिंग की व्यवस्था कर वन्यजीवों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। गाइडों का कहना था कि इससे वन्यजीवों को पानी के लिए गांवों की ओर नहीं आना पड़ेगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी।
नेचर गाइडों ने कॉर्बेट में जारी परमिट शुल्क को कम करने की मांग भी रखी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अलावा नेचर गाइडों के परिवारों को विभागीय माध्यम से पार्क भ्रमण कराने, पंजीकृत गाइडों को अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में शैक्षिक भ्रमण पर भेजने और अन्य नाइट-स्टे जोनों में जाने पर लगने वाले शुल्क को निःशुल्क किए जाने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में शिलाधारी चौकी पर पर्यटकों, नेचर गाइडों और वन कर्मियों के लिए वाटर फिल्टर प्लांट लगाने और एक मिनी कैंटीन खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया। साथ ही वर्ष 2020 में भर्ती गाइडों को स्थायी पंजीकरण देने तथा गर्जिया पर्यटन जोन से लेंटाना हटाने की मांग रखी गई, ताकि ग्रासलैंड सुरक्षित रह सके।
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