पटना , मार्च 05 -- िहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर एकत्रित हो गए और इस फैसले का विरोध किया।
मुख्यमंत्री श्री कुमार के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद आज सुबह से ही जदयू के कार्यकर्ता श्री कुमार के आवास पहुंचने लगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि "नीतीश कुमार बिहार के हैं और उन्हें हम कहीं नहीं जाने देंगे।" श्री कुमार के आवास के बाहर पार्टी के कई कार्यकर्ता रोते दिखे।कार्यकर्त्ताओं ने जदयू कार्यालय में भी मामूली तोड़फोड़ की और हंगामा किया। बाद में कार्यकर्ताओं का गुस्सा देखते हुए जदयू कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया है।
जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं के चेहरे पर परेशानी साफ दिखा रही थी और यह स्पष्ट था कि इस घटनाक्रम से उनके अंदर दुख और बेचैनी है। कई समर्थक कह रहे हैं कि उन्होंने अपने नेता श्री कुमार को हमेशा बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में ही देखा है और आगे भी उसी रूप में देखना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं को इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाएंगे। बहरहाल जब श्री कुमार ने यह फैसला ले ही लिया है, तो जदयू दो गुटों में बंटी दिख रही है।
जदयू कार्यकताओं का कहना है कि उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए घर-घर जाकर वोट मांगा और यदि वे मुख्यमंत्री नहीं रहे, तो बिहार की जनता किस पर भरोसा करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा भेजा जाए और 2025 के जनादेश का ख्याल रखते हुए नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहें।
एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार को राज्यसभा भेजना एक साजिश है और उनके पद और कद को कम करके आंका जा रहा है। नीतीश कुमार के लिए राज्यसभा की सीट कोई मायने नहीं रखती है। उन्होंने कहा कि श्री कुमार खुद अपने नेताओं को राज्यसभा के लिए भेजते रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री कुमार का कुर्सी से हटना 2025 के जनादेश से धोखा है। उन्होंने कहा कि अचानक श्री कुमार को राज्यसभा भेजने की चर्चा स्वाभाविक नही है और यह निर्णय सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जब तक नीतीश कुमार हैं, तब तक किसी दूसरे विकल्प की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जदयू के भीतर कुछ बड़े नेता भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और धीरे-धीरे नीतीश कुमार को साइडलाइन करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू के कुछ नेता अति महत्वाकांक्षी हो गए हैं, इसलिए नीतीश कुमार को हटाने की साजिश रची जा रही है। लेकिन यह जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों को मंजूर नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित