पटना , फरवरी 28 -- िहार की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की विशेष अदालत ने शनिवार को हॉस्टल मलिक की जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों को लिखित बहस दाखिल करने को कहा है।

पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन की अदालत में मामले के जेल में बंद अभियुक्त एवं शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के तीनो अनुसंधानकर्ताओं से बारी-बारी से सवालात किया।

अदालत ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसंधानकर्ता से भी इस अभियुक्त की जांच में आवश्यकता के संबंध में पूछताछ की। उसके बाद अदालत ने मामले में दो मार्च 2026 की तिथि निश्चित की और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक और कारा अधीक्षक को भी पत्र जारी कर इस अभियुक्त को जेल में रखे जाने का आधार स्पष्ट करने को कहा है।

विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद ने सुनवाई के दौरान अभियुक्त की जमानत की प्रार्थना का पुरजोर विरोध किया। सूचक के वकील एसके पाण्डेय ने भी मामले को अत्यंत गंभीर बताया।

गौरतलब है कि 09 जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त थाने की पुलिस ने मृतका शिवानी कुमारी( परिवर्तित नाम) के पिता के फर्द बयान एक मुकदमा दर्ज किया था।

आरोप के अनुसार मृतका अपने हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। मृतका के पिता ने अपनी पुत्री के शरीर पर चोट का निशान पाए जाने की बात कही थी साथ ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किए जाने का भी शक जाहिर किया था। बाद में इलाज के दौरान छात्रा की मृत्यु हो गई थी। छात्रा की मृत्यु को लेकर काफी हंगामा हुआ था। पटना से लेकर दिल्ली तक धरना एवं प्रदर्शन हुए थे। बाद में बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई अपनी प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। छात्रा नाबालिग थी इसलिए मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में हो रही है।

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