सहारनपुर , मई 05 -- सहारनपुर जिले में वर्ष 2023 एवं 2024 में आयोजित निवेशक शिखर सम्मेलनों में हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के क्रियान्वयन की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है। कुल 441 निवेश प्रस्तावों में से अब तक केवल 117 परियोजनाएं ही धरातल पर उतर सकी हैं, जिनमें 99 इकाइयां क्रियाशील या उत्पादन के लिए तैयार हैं।
उद्योग विभाग के उपायुक्त अजय त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि शिखर सम्मेलनों के दौरान 441 निवेशकों द्वारा लगभग 12,876 करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके सापेक्ष अब तक 117 निवेशकों ने करीब 1,208 करोड़ रुपये की लागत से अपनी इकाइयां स्थापित की हैं।
उन्होंने बताया कि शेष 324 निवेश प्रस्ताव अभी भी लंबित हैं और क्रियान्वयन के स्तर तक नहीं पहुंच सके हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कई निवेशकों को सस्ती दर पर भूमि एवं अन्य सुविधाएं मिलने की अपेक्षा थी, जो पूरी न होने पर उन्होंने आगे निवेश की प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई। विभाग द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद कई निवेशकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उपायुक्त ने बताया कि पिलखनी क्षेत्र में यूपीसीडा द्वारा भूमि एवं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जहां कुछ निवेशकों ने अपने उद्योग स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि स्थापित 117 इकाइयों में से 99 इकाइयां इस वर्ष के अंत या अगले वर्ष तक उत्पादन शुरू कर देंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उद्योग विभाग नए निवेशकों को आकर्षित करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है तथा इच्छुक निवेशकों के लिए विभाग के द्वार खुले हैं।
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