नयी दिल्ली , दिसंबर 20 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने शनिवार को जयत्री इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक काकरला श्रीनिवास को गिरफ्तार किया।

ईडी ने हैदराबाद पुलिस की ओर से दर्ज की गई कई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। ये प्राथमिकी जयत्री इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इसके प्रबंध निदेशक काकरला श्रीनिवास, जयत्री रिलायबिलिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ भादस की धारा 1860 और तेलंगाना राज्य वित्तीय संस्थानों के जमाकर्ताओं के संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थीं।

ये प्राथमिकी घर खरीदारों और निवेशकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गईं, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। पीड़ितों को प्री-लॉन्च फ्लैट, व्यावसायिक इकाइयां, मेट्रो स्टेशन पर दुकानें और सुनिश्चित किराये के लाभ का वादा किया गया था, जो कभी पूरा नहीं हुआ।

ईडी की जांच में पता चला कि काकरला श्रीनिवास ने घर खरीदारों को धोखा देकर कुल 61 करोड़ रुपये की अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की। बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि पीओसी को कई खातों के माध्यम से समूह कंपनियों, निदेशकों और परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित किया गया था और इसमें बड़ी मात्रा में नकद निकासी शामिल थी। इन निधियों का उपयोग अचल संपत्तियों के अधिग्रहण, असंबंधित देनदारियों के भुगतान और उनके स्रोत और स्वामित्व को छिपाने के लिए प्रॉक्सी संस्थाओं के माध्यम से किया गया था।

काकरला श्रीनिवास को पहले केपीएचबी पुलिस ने गिरफ्तार किया और जमानत पर रिहा कर दिया गया, लेकिन बाद में वह फरार हो गया। उसके घर और दफ्तर के पतों पर कई बार समन जारी करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया। उसे ढूंढने के लिए नौ जगहों पर तलाशी समेत कई प्रयास असफल रहे, हालांकि आठ जगहों से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।

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