रायपुर , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि नियद नेल्लानार योजना के चलते बस्तर संभाग के 400 से अधिक गांवों में विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। लाल आतंक के कारण रुके विकास को अब गति मिल रही है।

नारायणपुर जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे श्री साय ने शुक्रवार को उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक की लागत के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार माओवाद मुक्ति के प्रयासों में जुटी है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासत को सहेजने के लिए बस्तर पण्डुम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। इस दौरान साय ने 332 करोड़ रुपये की लागत के छह नए निर्माण कार्यों की घोषणा भी की। इनमें नारायणपुर-बीजापुर 125 किलोमीटर मार्ग (250 करोड़), राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग का सतह मजबूतीकरण और नारायणपुर-महाराष्ट्र बॉर्डर मार्ग शामिल हैं। अबुझमाड़ के 10 गांवों में वैकल्पिक प्राथमिक शालाओं के भवन निर्माण को भी स्वीकृति दी गई।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद के आतंक का अंत हो जाएगा। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिले को बड़ी सौगात मिली है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर पण्डुम और बस्तर ओलंपिक के जरिए संस्कृति संरक्षण और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का काम हो रहा है।

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