मुजफ्फरपुर , अप्रैल 10 -- निजी विद्यालयों की ओर से मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में निजी स्कूलों के संचालन, शुल्क निर्धारण और पारदर्शिता को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए।
बैठक में प्रमंडल के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ ) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ ) मौजूद रहे।बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि बिहार निजी विद्यालय शुल्क (विनियमन अधिनियम) 2019 के तहत कोई भी निजी विद्यालय वार्षिक शुल्क में अधिकतम सात प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकता है। इससे अधिक फीस बढ़ाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसे अवैध बताया और सभी डीईओ को नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना की समीक्षा कर निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
आयुक्त ने अभिभावकों को राहत देते हुए आयुक्त ने निर्देश दिये कि किसी भी स्कूलकी ओर से अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताब खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। ऐसा करना पूरी तरह अनुचित है और इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने विद्यालयों को सर्वसुलभ रंग और डिजाइन की यूनिफॉर्म अपनाने की सलाह दी, जिससे अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से खरीदारी कर सकें। उन्होंने शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी निर्देश दिये।
आयुक्त ने कहा कि कंट्रोल रूम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अभिभावक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें और उसका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो। उन्होंने सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए नियमित निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रों की उपस्थिति, खेलकूद गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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