जालौन , जनवरी 23 -- नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शुक्रवार को जालौन जिले के उरई में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरिमोहन पुरवार एवं संध्या पुरवार के निजी संग्रहालय में देश की महान हस्तियों से जुड़े दुर्लभ सिक्कों, मुद्राओं और डाक टिकटों का समृद्ध संग्रह दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
डॉ. पुरवार ने बताया कि उनके निजी संग्रहालय में आजाद हिंद सरकार से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरें संरक्षित हैं, जिनमें 'जय हिंद' अंकित थाली, गिलास एवं अन्य बर्तन भी शामिल हैं। ये सभी सामग्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाधीनता संग्राम के जीवंत प्रमाण हैं।
उन्होने बताया कि नेताजी ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में मुक्त भारत (आजाद हिंद) की प्रोविजनल सरकार की स्थापना की थी। इस सरकार को जापान, जर्मनी, इटली, सिंगापुर, थाईलैंड, बर्मा सहित अनेक देशों ने मान्यता दी थी। आजाद हिंद सरकार के पास अपनी मुद्रा, डाक टिकट, न्यायालय और नागरिक संहिता की योजना थी। यद्यपि स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक मुद्रा मुद्रित नहीं हो सकी, फिर भी ब्रिटिश भारत के एक रुपये के चांदी के सिक्कों पर 'पीजीएएच 1943' की मुहर अंकित कर अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती दी गई थी। ऐसे सिक्के आज अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक धरोहर माने जाते हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर झांसी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, उरई में इन्टैक उरई अध्याय एवं स्वदेशी जागरण मंच जालौन के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी पर आधारित एक भव्य दीर्घा का आयोजन किया गया। शंख ध्वनि के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय संघ चालक भवानी भीखजी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर दीर्घा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने कहा कि यह दीर्घा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और उन्हें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। दीर्घा में नेताजी के बचपन से लेकर अंतिम समय तक के चित्र, आजाद हिंद फौज से जुड़े दुर्लभ फोटोग्राफ, नेताजी के चित्रों से युक्त पांच से 2000 तक के रंगीन चांदी के नोट, फॉरवर्ड ब्लॉक के टोकन नोट, 1968 और 1964 के दुर्लभ डाक टिकट, पोर्ट ब्लेयर ध्वजारोहण की स्मृति में जारी 75 रुपये का स्मारक सिक्का, 'जय हिंद' अंकित पोस्टकार्ड, प्लेटें, गिलास और कच्छ राज्य की मुद्राएं प्रदर्शित की गईं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित