नयी दिल्ली , सितंबर 29 -- देश भर में निजी क्षेत्र की इकाइयां भी अब बाट-माप परीक्षण प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगी। इसके लिए सरकार ने इन इकाइयों के 12 केंद्रों को सरकारी मान्यता-प्राप्त परीक्षण केंद्र (जीएटीसी) का लाइसेंस दिया है।

उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बाया कि विधिक माप-तौल विज्ञान (जीएटीसी) नियमावली,2013 में संशोधन के बाद इस क्षेत्र में निजी एजेंसियों को प्रमाणन कार्य के क्षेत्र में प्रवेश दिया गया है। इस क्षेत्र में निजी-सरकारी भागीदारी की जरूरत को देख कर बनाये गये नये नियमों की अधिसूचना 23 अकटूबर, 2025 को जारी की गयी।

नये नियमों में 18 तरह की बाट-माप मशीनों और यंत्रों को रखा गया है। इनमें वॉटर मीटर, एनर्जी मीटर, गैस मीटर फ्लो मीटर, मॉइस्चर मीटर , स्फिग्मोमैनोमीटर और क्लिनिकल थर्मामीटर, ब्रेथ एनालाइज़र और वाहन स्पीड मीटर, मल्टी-डाइमेंशनल मापने के उपकरण, ऑटोमैटिक रेल वेब्रिज टेप माप, गैर-स्वचालित वजन उपकरण लोड सेल, बीम स्केल, काउंटर मशीनें तथा सभी श्रेणियों के बाट शामिल हैं।

संशोधित नियमों की अधिसूचना के बाद, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने जीएटीसी की मान्यता के लिए योग्य प्राइवेट संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित करने और प्रोसेस करने के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया। आवेदन 30 नवंबर तक खुले थे।

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