नासिक , फरवरी 08 -- कुंभ मेले की जरूरत और केन्द्र सरकार की स्वच्छ भारत शहर प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने के लक्ष्य को देखते हुए महाराष्ट्र के नासिक के नगर निगम ने शहर की सफाई को बेहतर बनाने के लिए एक पायलट वार्ड पहल शुरू की है।
इस पहल का मकसद नागरिकों में कचरा अलग करने के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। गीले और सूखे कचरे को अलग न करने पर घरों पर 300 रुपये और वाणिज्यिक जगहों पर 500 रुपये का मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस नियम को सख्ती से लागू किया जायेगा। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पिछले दो महीनों में 3869 नागरिकों से 27.31 लाख रुपये का भारी जुर्माना वसूला है।
इस पहल का पहला महत्वपूर्ण चरण तकनीक-आधारित निगरानी व्यवस्था है। नगर निगम मुख्यालय में आपदा नियंत्रण कक्ष से 80 से ज़्यादा कचरा इकट्ठा करने वाले वाहनों का रोज़ाना लाइव वीडियो कॉल के ज़रिए निरीक्षण किया जाता है। वाहनों में गीले और सूखे कचरे को अलग करने, कर्मचारियों की उपलब्धता, रूट और समयसारिणी का पालन, और ब्लैक स्पॉट की पहचान की सख्ती से जांच की जा रही है। इससे कचरा प्रबंधन पर नियंत्रण बेहतर हुआ है और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।
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