नासिक , मार्च 01 -- महाराष्ट्र के नासिक में होलिका दहन को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहली बार नासिक नगर निगम ने नागरिकों से लकड़ी के बजाय गोबर के उपलों का उपयोग करने की अपील की है, ताकि त्योहार को हरित और पर्यावरण-संरक्षण के संदेश के साथ मनाया जा सके।
नगर निगम का मानना है कि गोबर के उपलों के उपयोग से पेड़ों की कटाई कम होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी, जिससे पारंपरिक उत्सव को प्रकृति के अनुकूल बनाया जा सकेगा।
इधर, गोबर के उपले बेचने वाली महिलाओं ने कीमत को लेकर चिंता व्यक्त की है। पास के एक गांव की एक महिला ने बताया कि वह गोबर के उपले चार रुपये प्रति नग बेच रही हैं, जबकि कुछ ग्राहक इन्हें तीन से दो रुपये तक में खरीदने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी कम कीमत पर बेचना संभव नहीं है, क्योंकि इससे लागत भी पूरी नहीं हो पाती।
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