नासिक , फरवरी 05 -- महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदरूनी मतभेद महापौर और उप-महापौर पदों के लिए नामों की घोषणा के बाद भी जारी रहे, जिसका नतीजा भाजपा नगर अध्यक्ष सुनील केदार के अचानक इस्तीफे और फिर उसे तुरंत वापस लेने के रूप में सामने आया। आखिरकार श्री केदार के इस्तीफे का मामला 'सवा साल' के महापौर फॉर्मूले से सुलझा।

ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि उन्होंने इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि महाराष्ट्र भाजपा द्वारा भेजे गये नामों को कथित तौर पर कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने एकतरफा फैसला लेते हुए बदल दिया था। एक और समूह का कहना है कि श्री केदार महापौर पद के लिए एक खास उम्मीदवार के नाम पर अड़े हुए थे, जिस कारण उन्होंने इस्तीफा दिया। सूत्रों के अनुसार, नासिक महापौर के कार्यकाल को बांटने पर सहमति बनने के बाद आखिरकार विवाद सुलझ गया।

राज्य नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद सहमति बनी और श्री केदार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया, हालांकि इस घटना ने एक बार फिर भाजपा की अंदरूनी कलह को सबके सामने ला दिया।

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