चंडीगढ़ , अप्रैल 27 -- हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बोलते हुए सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने विपक्ष पर गलत नैरेटिव बनाकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों द्वारा विरोध के प्रतीक के रूप में उठाये गये कदम वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास थे, जबकि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं पहुंचने वाला है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा यह स्पष्ट किया जा चुका है कि परिसीमन के बाद भी राज्यों की हिस्सेदारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। दक्षिण भारत के राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सीटों या प्रतिनिधित्व में ऐसा कोई अंतर नहीं आयेगा जिससे किसी क्षेत्र को नुकसान हो।
डॉ. शर्मा ने कहा कि देश के महान विचारकों जैसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले ने नारी शिक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान नेतृत्व ने "सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र" का मंत्र दिया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनायें लागू की हैं। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'उज्ज्वला योजना', 'लखपति दीदी योजना', 'प्रधानमंत्री आवास योजना', 'मातृ वंदना योजना' सहित कई पहलें महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी 'दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना' महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विपक्ष द्वारा संदेह जताने के बावजूद सरकार ने अपने वादों को पूरा कर पारदर्शिता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।
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