तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 25 -- प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक और नारायण गुरुकुल के प्रमुख, गुरु मुनि नारायण प्रसाद का शनिवार तड़के 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उनके निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री अपने संदेश में कहा कि मुनि नारायण प्रसाद के पास जटिल दार्शनिक विचारों को सरल और सुलभ भाषा में समझाने की दुर्लभ क्षमता थी।

मुनि नारायण प्रसाद ने तड़के यहां पास के वेनजारामूडु स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

वर्ष 1938 में जन्मे मुनि नारायण प्रसाद ने अध्यात्म की ओर मुड़ने से पहले अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत एक अभियंता के रूप में की थी। नित्य चैतन्य यति के करीबी शिष्य होने के नाते, उन्होंने बाद में 1999 में उनके उत्तराधिकारी के रूप में नारायण गुरुकुल के गुरु का पद संभाला। उनके नेतृत्व में, गुरुकुल ने भारत और विदेशों में अपनी उपस्थिति और गतिविधियों का विस्तार किया, जिससे दार्शनिक अन्वेषण, शिक्षा और आध्यात्मिक संवाद को बढ़ावा मिला।

भारत सरकार ने वर्ष 2024 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था। इसके अतिरिक्त उन्हें केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए थे।

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