नारायणपुर , मार्च 10 -- छत्तीसगढ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांव बोटेर में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह इस वर्ष का छठा कैंप है, जिसे सोमवार को थाना ओरछा क्षेत्र के ग्राम बोटेर में खोला गया।
पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य नक्सलियों के प्रभाव को समाप्त कर दुर्गम क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। "माड़ बचाओ अभियान" के तहत यह पहल की गई है। बोटेर में कैंप स्थापित होने से आसपास के गांवों जैसे वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा और गुंडेकोट के ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है और उत्साह का माहौल है।
यह नवीन कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किलोमीटर, थाना ओरछा से 30 किलोमीटर तथा कैंप कुडमेल से मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस क्षेत्र में कैंप खुलने से कांदुलनार-ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी। इस सड़क मार्ग के बनने से कुमनार से सोनपुर और भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सीधी कनेक्टिविटी होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा।
दशकों से अलग-थलग और अछूते रहे अबूझमाड़ के इस हिस्से में अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी से शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा। नारायणपुर पुलिस का लक्ष्य "शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर" की परिकल्पना को साकार करना है।
इस अभियान की सफलता में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स के साथ-साथ आईटीबीपी की 38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस ने कुतुल, कोडलियार, बेड़माकोटी, आदेर, कुड़मेल सहित 28 स्थानों पर नए कैंप स्थापित किए थे। वर्ष 2026 में बोटेर से पहले जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी और आदनार में भी नए सुरक्षा कैंप खोले जा चुके हैं।
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