विजयवाड़ा , अप्रैल 22 -- आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू गुरुवार को विशाखापत्तनम के पास अनकापल्ली जिले में नैस्डैक पर सूचीबद्व नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी रीन्यू की 5400 करोड़ रुपये की सौर विनिर्माण परियोजना का शिलान्यास करेंगे।
यह ऐतिहासिक परियोजना ऐसे समय में आयी है जब भारत अपने बड़े नवीनीकरण ऊर्जा लक्ष्यों की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है जिसका लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना है और साथ ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू विनिर्माण को मज़बूत करना है।
इस बदलाव में सबसे आगे आंध्र प्रदेश की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 है, जो एक आगे की सोच वाली कार्ययोजना है जिसे बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित करने, विनिर्माण में समन्वय स्थापित करने और राज्य को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पॉलिसी ने पहले ही अपनी परिकल्पना को कार्रवाई में बदलना शुरू कर दिया है।
इस सुविधा में एक छह जीडब्ल्यू सोलर इंगोट और वेफर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 5,400 करोड़ रुपये का निवेश है जाे एक मज़बूत घरेलू सोलर आपूर्ति चेन बनाने में एक अहम कदम है। इंगोट और वेफर जैसे ज़रूरी अपस्ट्रीम कंपोनेंट्स बनाकर, यह प्रोजेक्ट आयात पर निर्भरता को काफी कम करेगा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगा।
यह प्रोजेक्ट रीन्यू के आंध्र प्रदेश में 82,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रतिबद्वता का भी हिस्सा है, जिसकी घोषणा पहले की गई थी, जो राज्य के पॉलिसी पारिस्थितिकी तंत्र और सरकार में निवेशकों के मज़बूत भरोसे को दिखाता है।
इस परियोजना के 24 महीनों के अंदर चालू होने और 2,100 से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोज़गार को और बढ़ावा मिलेगा।
आंध्र प्रदेश अपने प्रगतिशील नीति बुनियादी ढांचे, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर शासन के साथ वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए एक पसंदीदा जगह के तौर पर उभर रहा है।
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