रांची , दिसंबर 05 -- झारखंड के रांची सिविल कोर्ट स्थित पोक्सो न्यायालय ने शुक्रवार को सोनाहातू थाना क्षेत्र निवासी नव किशोर सिंह मुंडा उर्फ मनीष किशोर उर्फ नाबो को नाबालिग पीड़िता के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने यह फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाया, क्योंकि अभियुक्त पहले से न्यायिक हिरासत में था। न्यायालय ने अभियुक्त को पोक्सो अधिनियम की धारा 4(2) और धारा 6 के तहत दोषी पाया। दोनों धाराओं में अदालत ने उसे 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक धारा के तहत अभियुक्त पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने कहा कि यदि वह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक धारा में छह-छह माह के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला नवंबर 2023 में सामने आया था, जब पीड़िता ने सोनाहातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अभियुक्त लंबे समय से उसका यौन शोषण कर रहा था। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि दुष्कर्म की शुरुआत एफआईआर से लगभग 10 महीने पहले हुई थी और यह अवधि तक जारी रही।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने तर्कों को मजबूत करने के लिए कुल 10 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयानों, पीड़िता की गवाही और अन्य प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को नाबालिग के साथ गंभीर दुष्कर्म करने का दोषी ठहराया।
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