सोनभद्र , फरवरी 17 -- करीब तीन वर्ष 11 माह पूर्व 10 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को दोषी विजय उर्फ टीपू साहनी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित को प्रदान किए जाएंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चोपन थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित के पिता ने 21 मार्च 2022 को थाना चोपन में तहरीर देकर बताया था कि 20 मार्च 2022 की शाम करीब सात बजे विजय उर्फ टीपू साहनी (निवासी कुरहुल, थाना चोपन) ने उनके 10 वर्षीय पुत्र को चने के खेत में बुलाकर अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। बच्चे ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपनी मां को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, आठ गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध पाया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
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