बांदा , फरवरी 20 -- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक स्थानीय अदालत ने नाबालिग बच्चों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर विदेशों में बेचने के मामले में दोषी दंपति को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह के अनुसार नरैनी थाना क्षेत्र के खरोच गांव निवासी राम भवन चित्रकूट जिले में सिंचाई विभाग में अवर अभियंता के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुकदमा दर्ज किया था। मामला 33 नाबालिग बच्चों के यौन शोषण, उनके अश्लील वीडियो बनाकर विदेशों में बेचने तथा ब्लैकमेलिंग सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा था।

विवेचना के दौरान तीन वर्ष से 18 वर्ष से कम आयु के पीड़ित बच्चों के बयान में आरोपी की पत्नी दुर्गावती की संलिप्तता भी सामने आई। पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराया गया। सीबीआई ने 18 नवंबर 2020 को राम भवन को उसके गांव से गिरफ्तार किया और बाद में साक्ष्यों के आधार पर उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में 74 साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रदीप कुमार मिश्र की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर राम भवन और दुर्गावती को मृत्यु दंड की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित बच्चों को 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि इस प्रकार के अपराध न केवल बच्चों के जीवन को बर्बाद करते हैं, बल्कि समाज की नैतिक नींव को भी कमजोर करते हैं। न्यायालय ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को पीड़ित बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

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