पटना , अप्रैल 02 -- ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य योजना (नाबार्ड) के तहत सम्पर्कता का एक ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार किया है, जिसने न केवल गांवों की दूरियों को मिटाया है, बल्कि नदियों के कारण होने वाली आवागमन की पुरानी बाधाओं को भी हमेशा के लिए दूर कर दिया है। नदियों, नालों और खस्ताहाल पगडंडियों के कारण दशकों से मुख्यधारा से कटे बिहार के सुदूर गांवों की स्थिति अब तेजी से बदल रही है।

राज्य में केवल पक्की सड़कों का जाल ही नहीं बिछाया जा रहा है, बल्कि सुगम सम्पर्कता के लिए पुलों का भी निर्माण किया गया है। इस योजना के धरातल पर उतरने से अब आवागमन मौसम पर निर्भर नहीं रह गया है।

इस योजना के अंतर्गत अब तक पूरे राज्य में 2,021 ग्रामीण सड़कों और 1,271 पुलों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिसको लेकर विभाग ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 1,898 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, जिससे राज्य भर में 4,845 किलोमीटर लंबे सुदृढ़ पक्के मार्ग तैयार हुए हैं।

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