कोहिमा , जनवरी 26 -- नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर कोहिमा में नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग केंद्र में राज्य के पहले ड्रोन विद्यालय और ड्रोन उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।

योजना एवं परिवर्तन विभाग के तहत नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग केंद्र की यह अत्याधुनिक सुविधा एक अहम पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत ड्रोन तकनीक के कौशल से लैस करना और नवाचार-संचालित रोजगार को बढ़ावा देना है।

श्री रियो ने ड्रोन विद्यालय को शासन, विकास और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

इस पहल के लिए विभाग की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि नागालैंड ड्रोन टेक्नोलॉजी और नेटवर्किंग में दुनिया भर में हो रही तरक्की को करीब से देख रहा है। साथ में, यह भी बताया कि पहले ड्रोन मुख्य रूप से युद्ध से जुड़े थे, लेकिन अब उसका इस्तेमाल सकारात्मक और विकास के मकसद से तेज़ी से हो रहा है।

श्री रियो ने कहा कि ड्रोन विद्यालय नवाचार और क्षमता निर्माण के केंद्र के तौर पर काम करेगा। इससे जिलों और अंदरूनी इलाकों में जानकारी हस्तांतरित हो सकेगी और तकनीक का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह पहल भविष्य की चुनौतियों के लिए नागालैंड की तैयारी को मजबूत करेगी और ड्रोन तकनीक के असरदार इस्तेमाल में राज्य को अगुआ बनाने में मदद करेगा।

उन्होंने उपमुख्यमंत्री टीआर जेलियांग और वाई पैटन की मौजूदगी में ड्रोन विद्यालय और ड्रोन उत्कृष्टता केंद्र की यादगार पट्टिका का भी अनावरण किया।

यह ड्रोन विद्यालय डीजीसीए-अनुपालन वाले 'रिमोट पायलट सर्टिफिकेट' (आरपीसी) पाठ्यक्रमों के साथ-साथ एफपीवी फ्लाइंग, ड्रोन मरम्मत और रखरखाव, और ड्रोन डेटा विश्लेषण एवं मैपिंग में अल्पकालिक गैर-डीजीसीए कार्यक्रम भी प्रदान करेगा।

नागालैंड कौशल और उद्यमिता विकास मिशन (एनएसईडीएम) प्रायोजित 50 प्रशिक्षुओं का पहला बैच 27 जनवरी से शुरू होने वाला है। उन्हें विभिन्न विशिष्टताओं में मुफ्त प्रशिक्षण दिया जायेगा, साथ ही नियोजन सहायता और उद्योग के साथ लिंकेज भी प्रदान किया जायेगा।

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