कोटा , जनवरी 24 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा में सर्किट हाउस में पीडब्लूडी, पीएचईडी, सीएडी, जल संसाधन और विद्युत सहित विभिन्न विभागों की बैठक ली।

श्री नागर ने गत बजट में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने को लेकर चर्चा की। वहीं आगामी बजट प्रस्तावों को लेकर भी सुझाव लिए। इस दौरान उन्होंने बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा विद्युत वितरण लिमिटेड (केईडीएल) के अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य को बुलाकर फटकार लगाई।

श्री नागर ने कहा कि रख रखाव के नाम पर घंटों तक होने वाली बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस काम को कुछ समय में संपन्न किया जा सकता है उसके लिए घंटों तक शहरवासियों की बिजली बंद रखी जाती है। यह शहर के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति और विद्युत संसाधनों की उपलब्धता की भी जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि शहर में जहां कहीं भी बिजली उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो, उसकी पूर्ति कराई जाएगी। जहां जीएसएस बनाए जाने की जरूरत हो तो उसको लेकर भी प्रस्ताव भेजें। श्री नागर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछले दो महीने में लिए गए शटडाउन का पूरा ब्यौरा कार्यालय को भिजवाएं। शटडाउन किसने मांगा था और उस शटडाउन के दौरान क्या काम किए गए, इसकी पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कोटा शहर सहित संपूर्ण जिले में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति हमारी प्राथमिकता है। इसमें कोई बाधा आए, इससे समझौता नहीं किया जा सकता है।

श्री नागर ने बाढ़ राहत के तहत विद्यालयों एवं सरकारी भवनों में स्वीकृत राशि की क्रियान्विति पर चर्चा की। दीगोद बस स्टैंड की जमीन आवंटन को लेकर आ रही बाधाओं पर भी बात हुई। वहीं कनवास बस स्टैंड की जमीन आवंटन के पश्चात जल संसाधन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिए जाने के संबंध में अधिकारियों से बात की। सांगोद विधानसभा के चतरपुरा, जोगड़ा, बैसार, हिंगी सहित विभिन्न गांवों में बारिश के पानी को मोड़ने को लेकर डायवर्शन को लेकर भी चर्चा की गई।

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