पटना , फरवरी 13 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
श्री सिन्हा ने आज शहरी सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक की और इस बैठक में निर्देश दिया कि किया कि नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने बैठक के बाद कहा कि नगरीय सुविधाओं में विसंगतियों से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायत और परिवाद प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें कुछ परिवाद राजनीति या निहित स्वार्थों से प्रेरित भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने एक खास समर्पित सेल बनाकर लोकशिकायत एवं परिवादों के निपटारे का निर्णय लिया है। प्रतिवादियों के लिए उनका नाम-पता और प्रमाण उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रामाणिक साक्ष्यों के आधार पर विभाग नियम-संगत कार्रवाई करेगा ।
श्री सिन्हा ने कहा कि नगरीय सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग सभी कार्य-एजेंसियों का सूचीकरण करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपेक्षित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने वाली एजेंसियों पर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण राज्य के विकास के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशभर में स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधायुक्त शहरों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार सात निश्चय-3 के तहत 'इज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देने के साथ शहरीकरण को गति देने में जुटी है। उन्होंने कहा कि जनता को दी जाने वाले शहरी सुविधाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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