नागपुर , फरवरी 03 -- महाराष्ट्र के नागपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नेत्र विज्ञान (ऑफ्थैल्मोलॉजी) के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के महज छह दिन में रेजिडेंट डॉक्टर ने गणेशपेठ स्थित एक होटल में फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली।

अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने स्नातकोत्तर नेत्र विज्ञान के इस छात्र की पहचान रूत्विक सागर ठाकुर के रूप में की है, जो चिखली का रहने वाला है। रूत्विक के पिता सागर ठाकुर और मां दोनों ही डॉक्टर हैं। रुत्विक की बहन भी एमबीबीएस की छात्रा है।

पुलिस ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज के नेत्र विज्ञान एवं अन्य विभागों में भी रुत्विक के परिजन काम कर रहे थे। उनके स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरुआत 27 जनवरी से होनी थी लेकिन वह एक दिन पहले नागपुर आ गये थे। उन्हें हॉस्टल में कमरा नहीं दिया गया था, जिसके बाद वह गणेशपेठ इलाके के होटल अर्जुन में रह रहा था।

नियमों के अनुसार रुत्विक ने नेत्र चिकित्सा विभाग में काम भी शुरू कर दिया था। जब वह सोमवार को काम पर नहीं पहुंचे तो विभागाध्यक्ष ने उनके पिता से संपर्क किया। जब उन्हें पता चला कि रुत्विक गणेशपेठ में एक होटल में रह रहा है तो उन्होंने एक विद्यार्थी को वहां भेजा। जब कमरे का दरवाज़ा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं आया तो होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया।

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