नागपुर , जनवरी 19 -- नागपुर पुलिस ने शलार्थ आईडी घोटाले के सिलसिले में एक प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। इन पर जाली दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने और अवैध रूप से सरकारी वेतन लेने का आरोप है। यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी।

इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या 17 से अधिक हो गई है, जिनमें शिक्षा उप निदेशक उल्हास नारद भी शामिल हैं।

गिरफ्तार लोगों की पहचान प्रधानाध्यापक भाऊराव मालचे (56) और शिक्षकों दिनेशकुमार कात्रे (44) और रूपाली बिहारीलाल रहंगडाले (40) के रूप में हुई है।

ये तीनों महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के तिरोडा तालुका के थानेगांव गांव में स्थित एक हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज में कार्यरत थे, जिसका संचालन पिछड़े वर्ग की शिक्षा संस्था द्वारा किया जाता था।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके नियुक्तियां प्राप्त कीं और बाद में फर्जी शलार्थ आईडी बनवाईं, जिससे वे अवैध रूप से सरकारी वेतन प्राप्त करते रहे। धोखाधड़ी एवं जालसाजी से संबंधित दो अलग-अलग मामले अप्रैल 2025 में नागपुर के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए थे।

एक विशेष जांच दल वर्तमान में शलार्थ आईडी घोटाले की जांच कर रहा है जबकि फर्जी शिक्षक नियुक्तियों के मामले में एक अलग जांच चल रही है।

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