उज्जैन , मार्च 30 -- रेल प्रशासन ने यात्री सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दिल्ली-मुंबई उच्च घनत्व नेटवर्क के नागदा-गोधरा रेलवे खंड पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच' को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है।
मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने 'कवच' प्रणाली से सुसज्जित लोकोमोटिव को आज सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लोकोमोटिव के प्रस्थान के साथ ही नागदा-गोधरा रेलखंड पर 'कवच' प्रणाली लागू हो गई। इसके साथ ही यह खंड रतलाम मंडल का पहला रेलखंड बन गया है, जहां यह उन्नत सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह कार्यरत है।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रास्ट्रक्चर) अक्षय कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) कुंजीलाल मीना सहित मंडल के सभी शाखाधिकारी, अन्य अधिकारी तथा संबंधित विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
रतलाम रेल मंडल के सूत्रों के अनुसार 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत विकसित 'कवच' एक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है, जिसे ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने और संचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह प्रणाली सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 जैसे उच्चतम सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है और स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता द्वारा प्रमाणित है। यह कवच-सुसज्जित रेल खंड कुल 224 रूट किलोमीटर लंबा है, जिसमें 154 किलोमीटर रतलाम मंडल तथा 70 किलोमीटर वडोदरा मंडल के अंतर्गत आते हैं।
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