अलवर , दिसम्बर 20 -- राजस्थान में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकार के सहयोग से जल विभाजन विकास में राजस्थान की पहलों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में एनजी-केयर्स कार्यक्रम से जुड़े नाइजीरिया के 26 वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को जिले के वाटरशेड कार्यक्रमों का दौरा किया और जिला परिषद में आयोजित कार्यशाला में अभिनव पहलों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद राजगढ़ क्षेत्र के गांवों का दौरा किया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल समावेशी, टिकाऊ और अनुकूल सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों पर अध्ययन के लिए जिले के दौरे पर है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने राजगढ़ ब्लॉक के गांवों में बने बंधे, कृत्रिम जलाशय, फार्म तालाबों जैसे ताला, लोसाल, घेवर, घोटा, नारायणपुर, सुलीबास के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (एमजेएसए) के जल विभाजन के घटक के तहत विभिन्न जल संचयन संरचनाओं का दौरा किया और ग्रामीणों के साथ बातचीत करके उनके अनुभव जाने। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने राजस्थान के क्षेत्र-स्तरीय नवाचार, सामुदायिक भागीदारी मॉडल और ग्रामीण विकास में अभिसरण प्रयासों की प्रशंसा की।

जिला परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष सालुखे गौरव रवीन्द्र ने जल विभाजन कार्यक्रमों के तहत प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी ।उन्होंने बताया कि जल विभाजन घटक, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान, जल संचय- जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान की जानकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा की गयी।

श्री गौरव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा एकीकृत ग्रामीण विकास, जलवायु-लचीलापन, जल विभाजन प्रबंधन और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवा वितरण में अपने अनुभव को साझा करने की राजस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।

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