श्रीगंगानगर , अक्टूबर 30 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर तहसील क्षेत्र में गुरुवार को सुबह भाखड़ा नहर परियोजना की मुख्य केएसडी नहर और इससे निकलने वाली दो अन्य नहरों-केआरडब्ल्यू और एसडीएस में बड़ी मात्रा में डोडा पोस्त और इसके छिलके पानी के साथ तैरते हुए पाये गये।

इस खबर के फैलते ही आस पास के गांवों और कस्बों में रहने वाले लोग नहरों की ओर दौड़ पड़े और उनमें डोडा पोस्त इकट्ठा करने की होड़ मच गयी। लोग अपने घरों से बड़े-बड़े थैले, प्लास्टिक के कट्टे, छलनी और जाल लेकर नहरों के पुलों, पुलियाओं पर जमा हो गये। कुछ लोगों ने पानी में उतरकर हाथों से डोडा पोस्त इकट्ठा करना शुरू कर दिया, तो कुछ ने छलनी और जाल का इस्तेमाल किया।

पुलिस को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ इतनी थी कि वे उन्हें डोडा पोस्त लेने से रोक नहीं पाये।

इस बीच पुलिस उपाधीक्षक (ग्रामीण) राहुल यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बताया कि डोडा पोस्त के स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस दल को हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र स्थित राजस्थान के अंतिम गांव मालारामपुरा तक भेजा गया। इसी गांव के पास केएसडी नहर में पानी पंजाब से हरियाणा होते हुए राजस्थान में प्रवेश करता है।

उन्होंने बताया कि ऐसी संभावना है कि पंजाब या हरियाणा के क्षेत्र में किसी व्यक्ति ने डोडा पोस्त सहित पकड़े जाने के डर से इसे नहर में फेंक दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग डोडा पोस्त ले जा रहे हैं, उनके खिलाफ मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ (एनडीपीएस) तहत मामला दर्ज किया जायेगा।

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