जालंधर , मार्च 19 -- पंजाब सरकार एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देशों पर नशे के खात्मे के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत, जालंधर ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को जिले के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में बड़े स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाया। यह ऑपरेशन एम.एफ. फारूकी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएपी जालंधर और हरविंदर सिंह विर्क वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालंधर ग्रामीण के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस ने उन क्षेत्रों को निशाना बनाया, जहां से नशीले पदार्थों की बिक्री या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। विशेष रूप से गांव नाहरपुर और अन्य चिन्हित 'ड्रग हॉटस्पॉट' में सघन तलाशी ली गयी। प्रभावी निगरानी के लिए करीब 125 पुलिस जवानों को तैनात किया गया था।
एम.एफ. फारूकी ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में तालमेल के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, " हमारा उद्देश्य केवल नशा पकड़ना ही नहीं, बल्कि इसकी सप्लाई लाइन को पूरी तरह से ध्वस्त करना और तस्करों के हौसले पस्त करना है। साथ ही, हम जनसभाओं के माध्यम से युवाओं को जागरूक कर नशे की 'डिमांड' कम करने पर भी काम कर रहे हैं। "श्री फारूकी ने बताया कि जालंधर ग्रामीण पुलिस ने पिछले 18 दिनों में नशे और अपराध के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और कुल 402 छापे मारे गये, जिनमें 187 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 104 मामले दर्ज किये गये और 122 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। 522 ग्राम हेरोइन, 20 किलो चूरा पोस्त, 317 ग्राम चरस और 1922 नशीली गोलियां/कैप्सूल , 17,800 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गयी। आर्म्स एक्ट के तहत 04 मामले दर्ज कर 02 पिस्तौल, 01 रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किये गये।
पुलिस ने नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की है। अब तक 1.50 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली 06 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है और सात अन्य संपत्तियों को गिराने का प्रस्ताव भेजा गया है।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशा करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। इस अभियान के तहत 140 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों और 374 व्यक्तियों को ओट केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
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