धर्मशाला , फरवरी 01 -- हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) शिल्पी बक्ता ने कहा कि कांगड़ा जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों, गैर सरकारी संगठनों और जनता को शामिल करते हुए एक समन्वित और निरंतर अभियान आवश्यक है।

सुश्री बक्ता शनिवार को यहां एनआईसी सभागार में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।

एडीएम ने एक समर्पित जन जागरूकता अभियान की आवश्यकता पर बल देते हुए विभागों एवं गैर सरकारी संगठनों को निर्देश दिया कि वे विशेष रूप से युवाओं और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए लक्षित जागरूकता सामग्री विकसित करें। उन्होंने निजी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के नियमित निरीक्षण का भी आदेश दिया।

उन्होंने विद्यालय स्तर पर हस्तक्षेप पर जोर देते हुए शिक्षा विभाग को निगरानी क्लबों को सक्रिय करने और 'संवाद' कार्यक्रम के तहत जागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी बिना किसी भय के साझा करें और सूचित किया कि गोपनीय शिकायतों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1933 चालू है।

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