पटना , दिसंबर 29 -- बिहार के पुलिस महानिदेशक डीजीपी विनय कुमार ने कहा है कि नशा समाज के लिये एक गंभीर चुनौती है, जिससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिये सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता और विधि सम्मत कार्रवाई करने की अत्यंत आवश्यकता है।
पुलिस महानिदेशक श्री कुमार सोमवार को मद्य निषेध एवं मादक पदार्थ विषय पर पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मद्यनिषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो तथा उत्पाद विभाग की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यशाला का उदेश्य एनडीपीएस अधिनियिम, 1985 के प्रभावी अनुपालन के लिये जिला स्तर पर कार्यरत पुलिस और उत्पाद अधिकारियों को कानूनी, तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
उन्होंने कहा कि यहां से प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक रूप से उपयोग करते हुये नशा मुक्त बिहार बनाने के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभायें।
कार्यशाला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), विशेष कार्य बल (एसटीएफ), मद्यनिषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और उत्पाद विभाग के अनुभवी अधिकारियों के स्तर से एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत जांच प्रक्रिया एवं दस्तावेजीकरण, तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की विधि सम्मत प्रक्रिया, मादक एवं मन को प्रभावित करने वाले पदार्थों की सैंपलिंग, प्रमाणीकरण एवं विधिक निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन सचिव अजय यादव, अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन और अमित कुमार जैन समेत आयुक्त, अंशुल अग्रवाल, डीआईजी राशिद जमा तथा पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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