जम्मू , अप्रैल 10 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को समाज के हर वर्ग से नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने की अपील करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त (ड्रग-फ्री) बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि 'नशा मुक्त अभियान' किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने ड्रग तस्करी में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक कार्रवाई आवश्यक है।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और युवाओं को नशे की ओर धकेलने की एक बड़ी साजिश चल रही है। उन्होंने बताया कि 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी, जिसके तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों ने ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इसके बावजूद नशे की समस्या अभी भी बनी हुई है।
उपराज्यपाल ने घोषणा की कि 11 अप्रैल से जम्मू के मौलाना आज़ाद स्टेडियम से 100 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस दौरान 'पदयात्रा' निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, शिक्षक, खिलाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त बनाने का एक मिशन है। इस दौरान वह हर जिले का दौरा कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। उपराज्यपाल ने बताया कि इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, विभागवार गतिविधियां और फीडबैक तंत्र को भी शामिल किया गया है, ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके।
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