श्रीनगर , अप्रैल 29 -- जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के शुरू किए गए 100 दिवसीय 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के दौरान अब तक 296 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 281 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस अभियान के तहत नशे के कारोबार के प्रमुख हॉटस्पॉट्स की भी पहचान की गई है।
अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए आईजीपी कश्मीर वी.के. बिरदी और संभागीय आयुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग की अध्यक्षता में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कश्मीर जोन के सभी डीआईजी, उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जिला प्रभारियों ने नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की जा रही कार्रवाइयों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल गिरफ्तारियां की गई हैं, बल्कि नशे की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत कुर्क भी किया गया है।
नशे के खिलाफ इस अभियान में जागरूकता और रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 460 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, ताकि आम जनता, विशेषकर छात्रों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। इसके अलावा, करीब 15 कनाल भूमि पर की गई प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध खेती को नष्ट कर दिया गया है और दवा नियमों का उल्लंघन करने वाली कई केमिस्ट दुकानों को सील किया गया है। उपायुक्तों ने शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और संवेदनशील क्षेत्रों में जारी गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित