कपूरथला , मार्च 19 -- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी ने आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से साइंस सिटी के 21वें वार्षिक दिवस के उपलक्ष्य में 'इन्नो-टेक 2026' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान पंजाब भर के विभिन्न इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के 300 से अधिक छात्रों ने अपने अभिनव मॉडल और परियोजनाओं का प्रदर्शन किया।

उभरते हुए इंजीनियरों को संबोधित करते हुए पुष्पा गुजराल साइंस सिटी के निदेशक डॉ राजेश ग्रोवर ने गुरुवार को कहा कि वैश्वीकरण के इस युग में किसी राष्ट्र के टिकाऊ विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए नवाचार एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभिनव विचार जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने, उन्हें अधिक कुशल और किफायती बनाने में मदद करते हैं, जिससे अंततः नए उत्पादों, तकनीकों और अवसरों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग, अपनी रचनात्मकता और नवीन सोच के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। इसलिए, पंजाबी युवाओं की क्षमता को सही दिशा देने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए उपयुक्त मंच प्रदान करना आवश्यक है।

इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक और वैज्ञानिक-डी इंजीनियर रितेश कुमार पाठक ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य वर्किंग मॉडल के विकास के माध्यम से व्यावसायिक कॉलेजों के छात्रों के बीच नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल व्यक्तिगत नवाचारकर्ताओं को प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमी बनने के अवसर तलाशने में भी मदद करती है।

इन्नो-टेक 2026 प्रतियोगिता का समापन प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभा और नवाचार के असाधारण प्रदर्शन के साथ हुआ। पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) के डॉ. बलविंदर सिंह सूच, आईकेजीपीटीयू के डॉ. रमन कुमार और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. विकास हांडा के सम्मानित पैनल द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद परिणामों की घोषणा की । सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग श्रेणी में चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज, लांडरां ने अपने प्रोजेक्ट 'शी शील्ड'के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया। पॉलिटेक्निक श्रेणी में श्री गुरु नानक देव पॉलिटेक्निक कॉलेज, लुधियाना को उनके प्रोजेक्ट "सिविक कनैक्ट' के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग श्रेणी में चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज को उनके प्रोजेक्ट 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ब्रेकिंग सिस्टम" के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया। पॉलिटेक्निक श्रेणी (ऑटोमोबाइल) में मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर ने अपने प्रोजेक्ट "स्मार्ट एक्सीडेंट अलर्ट सिस्टम विद लोकेशन ट्रैकिंग" के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। मेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग श्रेणी में चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपने प्रोजेक्ट "सिंचित" के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। पॉलिटेक्निक श्रेणी (मेक्ट्रोनिक्स) में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को उनके प्रोजेक्ट "गार्जियन वुमन सेफ्टी ग्लव्स" के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

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