रायपुर , मार्च 19 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चैत्र नवरात्रि के दौरान आज लंबे समय से आंदोलन कर रहे डीएड अभ्यर्थियों की प्रस्तावित कलश यात्रा को पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में रोक दिया। अभ्यर्थी तूता धरना स्थल से शीतला मंदिर तक धार्मिक आस्था के साथ यात्रा निकालना चाहते थे, लेकिन भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के कारण उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया।

इन अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले करीब तीन महीनों से जारी है। वे राज्य में 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि न्यायालयों के निर्देशों के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।

नवरात्रि के अवसर पर अभ्यर्थियों ने अपनी मांग को धार्मिक स्वरूप देते हुए कलश यात्रा निकालने का निर्णय लिया था। इस यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में, हाथों में कलश और धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ वे शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे।

हालांकि, धरना स्थल के बाहर पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालना नियमों के विरुद्ध है, इसलिए यह कदम उठाया गया।

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