भोपाल , अप्रैल 16 -- मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा नर्सिंग विद्यार्थियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत अनुपयुक्त नर्सिंग कॉलेजों से छात्रों को उपयुक्त कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा, जिस पर एनएसयूआई ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

काउंसिल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों के कुल 925 विद्यार्थियों को विभिन्न अनुपयुक्त कॉलेजों से उपयुक्त कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए 1776 रिक्त सीटें उपलब्ध कराई गई हैं।

कार्यक्रम के अनुसार 16 अप्रैल को उपयुक्त और अनुपयुक्त कॉलेजों की सूची जारी की जाएगी। 17 से 20 अप्रैल तक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन और 17 से 21 अप्रैल तक चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया चलेगी। 23 अप्रैल को प्रोविजनल अलॉटमेंट जारी किया जाएगा, जबकि 25 अप्रैल से 4 मई तक दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस निर्णय पर एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि संबंधित पाठ्यक्रमों की अवधि पूर्ण होने के बाद यह कदम उठाया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय शिक्षा माफियाओं को लाभ पहुंचाने की मंशा से लिया गया प्रतीत होता है।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करेगा।

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