पटना , दिसंबर 11 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरूवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित भारत-समृद्ध भारत विज़न तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कृषि-हितैषी नेतृत्व में राज्य सरकार नर्सरी-आधारित पौध उत्पादन को मजबूत कर रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कृषि मंत्री श्री यादव ने बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार कृषि वानिकी को नई ऊर्जा, नई दिशा और बड़े पैमाने पर विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित कृषि वानिकी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीन करोड़ 28 लाख 50 हजार की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय राज्य में कृषि वानिकी के व्यापक विस्तार, पर्यावरणीय संतुलन, हरित आवरण में बढ़ोतरी तथा किसानों को सस्ती दर पर गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

श्री यादव ने बताया कि कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य नर्सरी-आधारित कृषि वानिकी पौधों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना है, जिससे गम्हार, सेमल, मालाबार, नीम सहित इमारती और गैर-इमारती पौधों की उपलब्धता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इससे जहां किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं लकड़ी आधारित उद्योगों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक कच्चा माल भी बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेगा।

इससे कार्बन अवशोषण, पर्यावरण संरक्षण, और हरित आवरण वृद्धि को भी मजबूती मिलेगी ,जो प्रधानमंत्री श्री मोदी के मिशन लाइफ और सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति में योगदान देगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना के तहत नई नर्सरियों की स्थापना के लिए किसानों एवं गैर-सरकारी संस्थानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमिता वृद्धि, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने का माध्यम बनेगी।

श्री यादव कहा कि कहा कि किसानों को उन्नत कृषि वानिकी तकनीकों से जोड़ने के लिए सफल मॉडलों का अवलोकन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जहां कृषि वानिकी को प्रभावी ढंग से अपनाया गया है,जिससे वे पौध प्रबंधन, विपणन और आय वृद्धि के नवीन मॉडलों को समझ सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री कुमार की कृषि केंद्रित नीतियों के अनुरूप कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, नवाचार और हरित विकास से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नर्सरी आधारित कृषि वानिकी मॉडल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हरित बिहार के निर्माण में मील का पत्थर बनेगा।

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