वाव थराद , जनवरी 25 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रविवार को यहां कहा कि नर्मदा मैया के नीर से यह पूरा क्षेत्र हराभरा और समृद्ध बन गया है।

श्री देवव्रत ने 77वें गणतंत्र पर्व की पूर्व संध्या पर आज थराद के मलुपुर में आयोजित एट होम कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों का हृदयपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के माध्यम से राज्यपाल को विशेष गौरवपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन प्रस्तुत की गई। एट होम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, मंत्री स्वरूपजी ठाकोर तथा मंत्री प्रवीनभाई माली विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस विशेष अवसर पर आमंत्रित अतिथियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी ने राष्ट्रीय पर्वों की उत्सवप्रियता को केवल राजधानी गांधीनगर तक सीमित रखने के बजाय राज्य के विभिन्न जिलों में मनाने की परंपरा शुरू की थी। आज प्रसन्नता की बात है कि सरकार द्वारा वाव-थराद को नवीन जिला स्थापित कर सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों को महत्वपूर्ण उपहार दिया गया है। नवीन जिले के निर्माण से इस क्षेत्र के नागरिकों की सुख-सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश गुलामी की जंजीरों से मुक्त हुआ है, जिसके लिए अनेक नामीऔर अनामी क्रांतिकारियों ने अपने बलिदान दिए हैं। उनकी शौर्यगाथाएं युवा पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने कठोर परिश्रम किया और असंख्य वेदनाएं सहन कर हमें आजादी दिलाई। महात्मा गांधीजी, सरदार पटेल सहित अनेक महान व्यक्तित्वों ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। आज भारत विश्व के शक्तिशाली देशों की पंक्ति में स्थान प्राप्त कर चुका है। एक ओर हम तकनीक में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिक अपनी विशिष्ट संस्कृति और विरासत को संजोए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की दशा और दिशा दोनों बदली हैं और देश के विकास, विरासत और गौरव के लिए उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले 11 वर्षों में देश की सेनाओं और सीमाओं की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुई है। पिछले आठ वर्षों में सामाजिक और आर्थिक रूप से देश के लगभग 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए हैं। देश के प्रत्येक कोने में सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और रेलवे का आधुनिकीकरण किया गया है।

एक समय ऐसा था जब गुजरात में सुई तक नहीं बनती थी, जबकि आज वडोदरा में कार्गो विमान का निर्माण हो रहा है। राज्य में सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल हब सहित औद्योगिक क्षेत्र में क्रांति आई है। आज गुजरात देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बनकर उभरा है।

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