उज्जैन , फरवरी 16 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में आयोजित विक्रम उत्सव अब देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों में स्थापित हो चुका है और इसकी गूंज उज्जैन से निकलकर पूरे मध्यप्रदेश के देवालयों तक पहुंच रही है।

डॉ. यादव ने यह बात कल देर शाम स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के भव्य शुभारंभ समारोह में कही। उन्होंने घोषणा की कि विक्रम महोत्सव उत्सव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले चुका है और इस वर्ष 21 लाख रुपये के राष्ट्रीय स्तर के सम्मान की शुरुआत भी की जाएगी। इसके साथ ही 1 करोड़ 1 लाख रुपए का अर्न्तराष्ट्रीय विक्रम और 5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित करने की बात कही।

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा आयोजित 139 दिवसीय विक्रम उत्सव 2026 का शुभारंभ समारोह पोलिटेक्निक कॉलेज परिसर में धार्मिक उल्लास और भव्यता के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकाल की नगरी उज्जैन में अभूतपूर्व श्रद्धा का वातावरण देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश रामराज्य की अवधारणा की दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसी गति से मध्यप्रदेश भी प्रगति कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विक्रमादित्य व्यापार मेले का शुभारंभ किया गया है। महाकाल महालोक के निर्माण के बाद देश-विदेश से श्रद्धालुओं का उज्जैन की ओर आकर्षण लगातार बढ़ा है। महाशिवरात्रि पर उमड़ी भीड़ धार्मिक पर्यटन के विस्तार का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की अनादि नगरी अवंतिका की गौरवशाली परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल की याद दिलाती है। उनके दरबार में महाकवि कालिदास सहित नवरत्नों की उपस्थिति सुशासन और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से निरंतर आगे बढ़ रहा विक्रम संवत आधारित यह आयोजन अब भव्य स्वरूप ले चुका है और इस वर्ष का विक्रमोत्सव अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनकर उभरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विक्रमोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि भक्ति, व्यापार और समग्र विकास-तीनों को साथ लेकर चलने का सशक्त मंच है। सरकार द्वारा वैदिक काल गणना और समय परंपरा को पुनर्स्थापित करने के प्रयासों के तहत नई ऑब्जर्वेटरी की स्थापना का भी उल्लेख किया गया।

विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित संगीतमय संध्या में "नमो नमो शंकरा" की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरा परिसर शिवमय हो उठा। कार्यक्रम की शानदार शुरुआत प्रीतम एंड बैंड ने फिल्म ब्रह्मास्त्र के लोकप्रिय गीत "देवा देवा" से की। इसके बाद स्वयं प्रीतम ने "शिवाय में जिया" प्रस्तुत कर माहौल को और ऊर्जावान बना दिया। गायिका मीनल जैन ने "शिव कैलाशों के वासी" गाकर श्रद्धामय वातावरण रचा।

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