चंडीगढ़ , दिसंबर 26 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शुक्रवार को नदियों के किनारों, तटों और सड़क और रेलवे पुलों के पास से ज़्यादा रेत खनन को देखते हुए पूरे पंजाब में पर्यावरण मूल्यांकन करवाने की मांग की।
राजा वडिंग ने कहा कि इस साल की विनाशकारी बाढ़ राज्य के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए, जो एक आने वाली आपदा का संकेत है, अगर तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाये गये, तो इसका सामना राज्य को करना पड़ेगा।
यहां जारी एक बयान में राजा वडिंग ने अरावली पर्वतमाला में अंधाधुंध माइनिंग की अनुमति देने के खिलाफ पर्यावरण संबंधी चिंता, जागरूकता और कड़े विरोध का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी स्थिति उतनी ही खराब है। उन्होंने कहा, " हम पहले ही विनाशकारी बाढ़ का सामना कर चुके हैं, जिसका कारण विशेषज्ञों ने, अन्य बातों के अलावा, नदी के किनारों और नदी तल में अंधाधुंध माइनिंग को बताया है," और पूरे राज्य में एनवायरनमेंटल ऑडिट और कार्रवाई की मांग की। "पीसीसी अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि खासकर सड़क और रेल पुलों के पास नदी तल में, जहां खनन ठेकेदार मनमाने ढंग से खनन करते हैं, वहां नये सिरे से पर्यावरण मूल्यांकन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अरावली का मुद्दा पंजाब के लिए भी एक चेतावनी होना चाहिए। अरावली पर्वतमाला और पंजाब में पर्यावरण गिरावट की प्रकृति अलग-अलग है, लेकिन कारण एक ही है और वह है लालच के कारण की गयी अवैध खनन। उन्होंने कहा कि जहां अरावली को राष्ट्रीय राजधानी के करीब होने के कारण ध्यान मिला, वहीं पंजाब में, ऐसा लगता है कि हर कोई इस मुद्दे पर आंखें मूंद रहा है, जो सचमुच राज्य के लिए जीवन और मृत्यु का मामला है, जैसा कि इस साल की विनाशकारी बाढ़ से साबित हुआ।
राजा वडिंग ने कहा कि इस मुद्दे को गैर-पक्षपातपूर्ण तरीके से निपटाया जाना चाहिए और सभी को एक-दूसरे पर दोषारोपण किए बिना पंजाब के पर्यावरण को बचाने के लिए पक्षपातपूर्ण विभाजनों से ऊपर उठना चाहिए।
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