धार , फरवरी 3 -- मध्यप्रदेश में धार नगर पालिका की कार्यप्रणाली और शहर की लगातार बिगड़ती व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्षद प्रतिनिधी अजय ठाकुर ने कहा है कि शहर की सरकार भगवान भरोसे चल रही है और आम जनता के साथ जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता अजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर अधिकारियों को भेजे गए संदेशों के स्क्रीन शॉट भी साझा किए हैं, जिनमें वे जनहित के मुद्दों को लेकर अधिकारियों से मिलने का आग्रह करते नजर आ रहे हैं। उनका आरोप है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी और वार्ड प्रभारी इंजीनियरों के पास जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने तक का समय नहीं है। अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध रहते हैं और न ही फोन कॉल रिसीव करते हैं। छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए एस्टीमेट तक नहीं बनाए जा रहे, जिससे नगर के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
नगर पालिका कार्यालय में सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए ठाकुर ने आरोप लगाया कि परिसर में हुई चोरी की घटनाओं में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। डस्टबिन खरीदी, वाहनों के पार्ट्स और जेसीबी के बकेट चोरी होने जैसे मामलों में लिखित शिकायत देने के बावजूद न तो प्रकरण दर्ज हुए और न ही जांच आगे बढ़ी। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर भी टालमटोल की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहरा गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी ठेकेदारों के कार्यक्रमों में वीडियो बनवाते नजर आते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं के लिए उनके पास समय नहीं है। यह ठेकेदारों के प्रति झुकाव और आम जनता के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। अजय ठाकुर ने कलेक्टर की कार्यशैली पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा जैसी जल समस्या को लेकर प्रमाण सहित ज्ञापन देने के बावजूद जिला प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। विधानसभा में उठने वाले मुद्दों को भी अधिकारी हल्के में ले रहे हैं।
अजय ठाकुर ने कलेक्टर से मांग की है कि नगर पालिका की इस लापरवाह कार्यप्रणाली पर तुरंत अंकुश लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन व धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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