चंडीगढ़ , फरवरी 11 -- चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई पहली बैठक हंगामेदार रही। बैठक के दौरान गऊशाला से जुड़े मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी पार्षद "गौ हत्या बंद करो" लिखे पोस्टर लेकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।

निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गऊशाला प्रकरण की जांच पहले दिन से जारी है। हालांकि, विपक्ष ने सवाल किया कि नया स्थापित प्लांट बंद क्यों था और जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं। पार्षदों ने मांग की कि पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

विपक्षी पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जिन गायों की मौत हुई, उन्हें सम्मानजनक तरीके से दफनाने के बजाय खुले में फेंक दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी गठित करने की मांग की। इस पर मेयर जोशी ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व वरिष्ठ डिप्टी मेयर जसबीर सिंह ने अधिकारियों पर फोन न उठाने का आरोप लगाया। जवाब में कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों के नाम बताए जाएं, तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक की शुरुआत में श्री गुरबख्श रावत ने नए मेयर को बधाई दी और बताया कि इस बार नगर निगम को बजट में 225 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि शहर के समग्र और संतुलित विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

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