पटना, फरवरी 15 -- पटना के नगर आयुक्त और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा ने रविवार को पटना में शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में चल रही दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं मंदिरी नाला पुनर्जीवन योजना और बांस घाट स्थित अत्याधुनिक शवदाह गृह निर्माण का निरीक्षण किया।मंदिरी नाला परियोजना के अंतर्गत 1289 मीटर लंबी दो-लेन संपर्क सड़क का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, जो नेहरू पथ (बेली रोड) आयकर चौराहा से दानापुर-बांकीपुर पथ के बांस घाट तक जाएगी। इस परियोजना में बॉक्स ड्रेन, सर्विस रोड और यूटिलिटी डक्ट का निर्माण शामिल है।

परियोजना में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दो रैम्प और तीन डीसिल्टिंग चैंबर बनाए गए हैं जबकि जल निकासी नियंत्रण के लिये चार स्लुइस गेट स्थापित किए जा रहे हैं । इसके साथ ही स्ट्रीट लाइटिंग और लैंडस्केपिंग के माध्यम से क्षेत्र के सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। यह परियोजना एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, बाबू बाजार, धोबीघाट, इको पार्क क्षेत्र, छज्जूबाग, एमएलए फ्लैट और सिंचाई भवन सहित कई इलाकों की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में बांस घाट पर निर्माणाधीन अत्याधुनिक शवदाह गृह का भी निरीक्षण किया गया। इस परिसर में इलेक्ट्रिक और पारंपरिक दोनों प्रकार के क्रेमेटोरियम, मॉर्च्युरी ब्लॉक, वेटिंग एवं प्रेयर हॉल, पुरुष व महिला शौचालय, चेंजिंग रूम, लकड़ी भंडारण के लिए अलग ब्लॉक, शोकाकुल परिजनों के लिए सीटिंग, पार्किंग एवं हरित पट्टी का निर्माण किया गया है। साथ ही स्नान और अस्थि विसर्जन/पूजा हेतु गंगा कुंड की भी व्यवस्था है जिसमें पाइप के माध्यम से सीधे गंगा नदी से जल भरा जाएगा।

नगर आयुक्त श्री मीणा ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि ये दोनों ही परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही आमजनों को समर्पित कर दिया जाएगा। शहर के समग्र विकास की दिशा में इन दोनों परियोजनाओं को महत्वपूर्ण है, जो न केवल यातायात और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाएंगी, बल्कि नागरिक सुविधाओं के स्तर को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

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